Achcha Lagta Hai Poem In Hindi – मनीष नंदवाना ‘चित्रकार’ राजसमंद द्वारा रचित रचना ‘अच्छा लगता हैं’
‘अच्छा लगता हैं’ (Achcha Lagta Hai)
तेरी गली तेरा घर घर का कोना अच्छा लगता हैं|
तेरे खयालों में खोना अच्छा लगता हैं|1|
तेरी आंखें तेरी पलकें पलकों के किनारें|
तेरे नैनों में बसना अच्छा लगता हैं|2|
तेरी लकुटी तेरी कंबल बांस की बांसुरी|
अधरों पर धरना अच्छा लगता हैं|3|
तेरी मूरत तेरी सूरत जिसकी मुझको जरुरत|
तेरे रंग में रंगना अच्छा लगता हैं|4|
तेरा भाल तेरी ललाट सर पर मोर मुकुट|
मोरपंख छूना ‘मनीष’ अच्छा लगता हैं|5|
मनीष नंदवाना ‘चित्रकार’
राजसमंद
मनीष नंदवाना ‘चित्रकार’ राजसमंद द्वारा रचित रचनाएं-
यह भी पढ़े –
Related posts:
दर्द की सच्चाई - आचार्य डॉ अजय दीक्षित "अजय"
कवि की करुण पुकार - आचार्य डॉ अजय दीक्षित "अजय"
राम सृष्टा भी हैं और सृष्टि भी - कुमार विश्वास
शरीर का सार - आचार्य डा.अजय दीक्षित "अजय"
भोंर का उजाला - डॉ लोकमणि गुप्ता
कविता - बेटी जब घर आती हैं
'कोरोना का आना........गजब हो गया'- मनीष नंदवाना 'चित्रकार'
माँ की रसोई -अंजलि देवांगन (मातृ दिवस पर कविता)
विश्व रेडक्रॉस दिवस पर हिंदी कविता | World Redcross Day Poem In Hindi
पुस्तक दिवस पर काव्य रचना - कमलेश जोशी 'कमल'

Join the Discussion!