एक दीप उम्मीद का दूर दिशाओं में दर्द भरा, फिर भी दिल मुस्काता है,सूनी साँसों के संग-संग, सपना सरगम गाता है,मंद-मंद मुस्कानों से, मन मंदिर महकाता है,एक दीप उम्मीद का हर तम…
रस – आचार्य डॉ अजय दीक्षित
रस रस रिमझिम रागों में, रमता रजनी-रंग,रस से रचता रहता है, जीवन का सत्संग। रस राधा की रुनझुन में, रस कान्हा की तान,रस से रसमय हो उठता, मन-मंदिर मधुस्थान। रस रजत रवि-किरणों…
आत्मा और परमात्मा – आचार्य डॉ अजय दीक्षित
”आत्मा और परमात्मा”♦️♦️♦️♦️♦️♦️♦️♦️♦️ आत्मा की शांति में परमात्मा की ध्वनि बसती है, जैसे बूंद में सागर की गहराई हँसती है। खोजे जग बाहर-बाहर, मंदिर और द्वारों में, पर सत्य छुपा बैठा है…
प्रेम के पंख – आचार्य डॉ अजय दीक्षित
प्रेम के पंख————- नीले आकाश की नीरव गोद में,दो आत्माएँ सिमटी खड़ी हैं,जैसे समय भी थम-सा गया हो,और हवाएँ भी धीमे चल पड़ी हैं। सफेद पंखों की उस कोमल छाया में,छुपा…
स्वाभिमान – गज़ल
गज़ल स्वाभिमान की गज़ल⛳⛳⛳⛳⛳⛳ जो स्वाभिमानी है, उसका अलग असर होता है,तूफ़ान में भी ऊँचा हमेशा उसका ही सर होता है। 1- झुकते नहीं जो चंद टुकड़ों की ख़ातिर कभी यहाँ,दुनिया में…
स्वाभिमान ही पहचान है
गज़ल स्वाभिमान ही पहचान है मिले जो भीख में हमको, वो ऊँचा नाम क्या रखना,अगर जीना है दुनिया में, तो स्वाभिमान रखना। 1- किसी के रहमो-करम पर जो महलों का सुख दे…
स्वाभिमान की गज़ल -आचार्य डॉ अजय दीक्षित
गज़ल स्वाभिमान की गज़ल⛳⛳⛳⛳⛳⛳⛳⛳⛳ साया बनने से बेहतर तो धूप का ही मेहमान है,लड़कर अकेले अपनी राह बनाना ही असली पहचान है। 1- भीड़ में जो बिखरने न दे, वो एक अदृश्य…
स्वाभिमान पर शायरी
स्वाभिमान पर शायरी – आचार्य डॉ अजय दीक्षित Shayari On Self-Respect 1 कद्र न मिले जहाँ, वहाँ कदम न बढ़ाना, चाहे कोई महल हो या चाहत का ठिकाना। झुकना पड़े गर बार-बार…
दर्द की सच्चाई – आचार्य डॉ अजय दीक्षित “अजय”
दर्द की सच्चाई🔥🔥🔥🔥🔥🔥🔥🔥🔥दर्द से हमारा रिश्ता बड़ा निराला है।अचम्भित न हो दर्द ने ही मुझे पाला है मेरा जीवन एक मकड़ी का जाला है।सदा चलता रहा इससे पांव में छाला है बिना…
कवि की करुण पुकार – आचार्य डॉ अजय दीक्षित “अजय”
कवि की करुण पुकार – आचार्य डॉ अजय दीक्षित शरीर का सार कवि की करुण पुकार🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁 चितचोर नयन, चंचल चितवन, चित में चित्रित, तेरा मुस्काना।मनमोहन, माधव,मुरलीधर,मन मोह न मन में बस जाना।।🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹…