Duryodhan Ko Kyon Mila Swarg Me Sthan: महाभारत का युद्ध खत्म हुआ। कौरव तो सभी युद्ध में मारे जा चुके थे। पांडव भी कुछ समय तक राज्य करके हिमालय पर चले गए।…
Category: Pauranik Katha
सतयुग में पृथ्वी पर श्री हनुमान जन्म का अदभुत रहस्य
Hanuman Janam Katha चारों युग प्रताप तुम्हारा । है प्रसिद्ध जगत उजियारा ।। ***** रूद्र देह तजि नेह बस हर ते भे हनुमान । ***** यह भी पढ़े– आर्थिक तंगी दूर करने के…
|| महामाया के अदभुत रूप ||
Mahamaya Devi: बृषपर्बा नामक असुर को मारने के लिए त्रिदेवों ने तीन ताप- तीन कर्म -तथा तीन अग्नियों को एक में मिलाकर वेदगर्भा नामक देवी को उपजाया । अवश्य पढ़िए– माता वैष्णो देवी…
कहानी दिति, अदिति और कश्यप ऋषि की
पूर्वजन्म में देवकी द्वारा किये गये कर्म ही देवकी के दु:खों का कारण:- दक्ष प्रजापति की दिति और अदिति नाम की दो सुन्दर कन्याओं का विवाह कश्यप मुनि के साथ हुआ। अदिति…
वसुदेव, देवकी और रोहिणी के पूर्वजन्म की कथा
Vasudev Devki Rohini Ke Purva Janm Ki Katha: कश्यप मुनि और उनकी दो पत्नियों (अदिति और दिति) ने ही जल-जन्तुओं के स्वामी वरूणदेव के शापवश पृथ्वी पर वसुदेव, देवकी और रोहिणी के…
भगवान विष्णु ने देवकी और वसुदेव के घर क्यों लिया कृष्णावतार?
Krishna Avatar Story: स्वायम्भुवमन्वन्तर में जब माता देवकी का पहला जन्म हुआ था, उस समय उनका नाम ‘पृश्नि’ तथा वसुदेव ‘सुतपा’ नामक प्रजापति थे। दोनों ने संतान प्राप्ति की अभिलाषा से सूखे…
पुराणों में वर्णित शनि देव से जुड़े अदभुत रहस्य
Shani Dev Se Jude Adbhut Rahsya ; काशी-विश्वनाथ की स्थापना करी थी शनि देव ने :- स्कन्द पुराण में काशी खण्ड में वृतांत आता है, कि छाया सुत श्री शनिदेव ने अपने पिता भगवान सूर्य…
उर्वशी अप्सरा के पूर्व जन्म की कहानी
Urvashi Apsara ke Purva Janam Ki Kahani : प्राचीन काल में कश्मीर देश में देवव्रत नामक एक द्विज थे। उनके सुन्दर रूप वाली एक कन्या थी। जो मालिनी के नाम से प्रसिद्ध…
दीपावली की प्रतिपदा को करें:–पाँचवे वेद ” महाभारत की पूजा, फिर करें गोवर्धन पूजा
व्यास जी ने अर्जुन से कहा :—– पूर्वकाल की बात है,तीन वलवान् असुरों ने आकाश में अपने नगर बना रक्खे थे । वे नगर विमान के रूप में आकाश में विचरा करते…
||अदभुत रहस्य:- जब मृत्यु की भी हुई मृत्यु ||
|| ऊँ भं भैरवाय नम:शिवाय || गोदावरी के पावन तट पे “श्वेत” नामक एक ब्राह्मण रहते थे । जो शिव जी के अनन्य भक्त थे,सदा शिव भक्ती में लीन रहते थे।…