।।श्री कृष्णाय गोविन्दाय नमो नम:।। सुदामा को गरीबी क्यों मिली?- अगर अध्यात्मिक दृष्टिकोण से देखा जाये तो सुदामा जी बहुत धनवान थे। जितना धन उनके पास था किसी के पास नही था…
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क्या आप जानते हैं ? 68 करोड तीर्थ देवताओं का रूप धारण करके अयोध्या धाम का दर्शन करने तथा सरयू स्नान करने प्रतिदिन आते हैं।
श्री राम जी ने स्वयं कहा है:—- अवधपुरी सम प्रिय नहि सोऊ। यह प्रसंग जानइ कोउ कोऊ ।। यह भी पढ़े – यह है माँ गंगा के 10 मुख्य नाम, जानिए कैसे पड़े…
कैसे प्राप्त हुई हनुमानजी को अपार शक्तियां, जिससे बने वो परम शक्तिशाली
वाल्मीकि रामायण के अनुसार, बाल्यकाल में जब हनुमान सूर्यदेव को फल समझकर खाने को दौड़े तो घबराकर देवराज इंद्र ने हनुमानजी पर वज्र का वार किया। वज्र के प्रहार से हनुमान निश्तेज…
आखिर ! महर्षि वाल्मीकि जी को कवित्व शक्ति कैसे मिली । कैसे हुए “आदिकवि”
Aadi Kavi Maharishi Valmiki: एक समय की बात है, ब्रह्मा जी ने सरस्वती से कहा तुम किसी योग्य पुरुष के मुख्य में कवित्व शक्ति होकर निवास करो । ब्रह्मा जी की आज्ञा…
विवाह के कार्ड पे लडके के नाम के आगे-चिरंजीव तथा लडकी के नाम-के आगे आयुष्मति क्यों लिखा जाता है ?
चिरंजीव:—- ————– एक ब्राह्मण के कोई संतान नही थी, उसने महामाया की तपस्या की, माता जी तपस्या से प्रसन्न होकर ब्राह्मण से बरदान माँगने को कहा:– ब्राह्मण ने बरदान में पुत्र माँगा।…
विभीषण से कर लेने घटोत्कच गया था लंका, जानिए भीम पुत्र घटोत्कच से जुडी रोचक जानकारी
Facts Of Ghatotkacha in Hindi: महाभारत में ऐसे अनेक पात्र हैं, जिनके बारे में लोग कम ही जानते हैं। ऐसा ही एक पात्र है भीम का पुत्र घटोत्कच। अधिकांश लोग ये जानते हैं…
कैसे आये भगवान राम के पग तलवे में ये चार चिन्ह :–कमल_ वज्र _अंकुश _ध्वजा
बाबा तुलसी दास जी ने रामचरित्र मानस में लिखा है। “ललित अंक कुलसादिक चारी ।।” अर्थात भगवान राम के पग तलवे में चार चिन्ह अंकित हैं। १- कमल २- वज्र ३-अंकुश ४-ध्वजा।…
सीता का नही, छाया सीता का हरण किया था रावण ने। जानिए कौन थीं छाया सीता?
अदभुत रहस्य:– बाबा तुलसी दास जी ने रामचरित्र मानस में लिखा है:———– लक्ष्मणहुँ यह मरम ना जाना । जा कुछ चरित रचा भगवाना ।। यह भी पढ़े – माता सीता से सम्बंधित कुछ…
महाभारत युद्ध का 18 दिनों का घटनाक्रम : जानिए किस दिन क्या हुआ था
मार्गशीर्ष शुक्ल 14 को महाभारत युद्ध प्रारम्भ हुआ था जो लगातार 18 दिनों तक चला था। यहां जानिए महाभारत युद्ध के 18 दिनों में किस दिन क्या हुआ था… यह भी पढ़े…
अदभुत रहस्य :- आखिर क्यों निगला सीताजी ने लक्ष्मण को
एक समय की बात है मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम रावण का वध करके भगवती सीता के साथ अवधपुरी वापस आ गए । अयोध्या को एक दुल्हन की तरह से सजाया गया और उत्सव…