Karna’s Past Life Story : त्रेता युग में दो कहानियों के तार कर्ण से आ कर जुड़ते हैं । एक असुर था – दम्बोद्भव (Dambodhav) । उसने सूर्यदेव की बड़ी तपस्या की । सूर्य…
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ब्रह्मा जी के कहने पर महर्षि वाल्मीकि ने लिखी रामायण, जानिए महर्षि वाल्मीकि से जुडी कुछ रोचक बातें
Facts of Maharshi Valmiki In Hindi : वाल्मीकि को प्राचीन वैदिक काल के महान ऋषियों कि श्रेणी में प्रमुख स्थान प्राप्त है। पुराणों के अनुसार, इन्होंने कठोर तपस्या कर महर्षि का पद प्राप्त…
श्रीगणेश गीता (Ganesh Geeta)- जब श्रीगणेश ने दिया राजा वरेण्य को गीता का ज्ञान
श्रीगणेश गीता (Ganesh Geeta) || ऊँ नम: शिवाय || ऊँ गं गणपतये नम: || भगवान श्रीकृष्ण ने कुरुक्षेत्र के मैदान में गीता उपदेश दिया था, यह बात तो सब जानते हैं लेकिन…
गरुड़जी के सात प्रश्न तथा काकभुशुण्डि के उत्तर
Garud Ji Kakbhushundi Samvad कलिमल नशावन ,श्री राम कथा पावन,जे नर मन से गावहीं । प्रभु पद पावन,पद रज भावन,अजय भक्ति सो पावहीं ।। || इसमें कोई संशय नही है|| ||ऱाम|| यह…
कैसे हुआ बालि और सुग्रीव का जन्म तथा कैसे पड़ा ऋष्यमूक पर्वत का नाम
आज इस लेख में हम आपको दो पौराणिक घटनाओं के बारे में बताएंगे- बालि और सुग्रीव का जन्म कैसे हुआ? ऋष्यमूक पर्वत का नाम कैसे पड़ा? 1. ऋष्यमूक पर्वत का नाम कैसे…
महामाया परमेश्वरी के सोलह श्रंगारों का धरती पे अवतरण तथा मिथ्यादेवी का कलियुग में शासन
Mahamaya Parmeshwari and Mithya Devi Story : श्रृष्टि के प्रथम कल्प में एकबार मिथ्या देवी अपने पती अधर्म और भाई कपट के साथ मिलकर भूलोक में घर-घर अत्याचार फैला दिया। लोभ ने…
कैसे हुई क्षीर सरोवर की उत्पत्ति
Ksheer Sarovar Ki Utpatti : एक समय की बात है। गोपांगनाओं से घिरे भगवान श्री कृष्ण पुष्प वृन्दावन में विहार कर रहे थे। सहसा प्रभु के मन में दूध पीने की इच्छा…
लक्ष्मी, सरस्वती और गंगा का परस्पर श्राप देना
Lakshmi, Saraswati, Ganga Ka Ek Dusre Ko Shrap Dena: पौराणिक कथा के अनुसार भगवान विष्णु की तीन पत्नियाँ- लक्ष्मी, गंगा और सरस्वती थीं। एक बार विष्णुजी ने गंगा के प्रति विशेष अनुराग…
कहानी राजा पृथु की -अपने पिता वेन की दाहिनी भुजा के मंथन से पैदा हुए थे पृथु
Raja Prithu Story in Hindi: ध्रुव के वनगमन के पश्चात उनके पुत्र उत्कल को राजसिंहासन पर बैठाया गया, लेकिन वे ज्ञानी एवम विरक्त पुरुष थे, अतः प्रजा ने उन्हें मूढ़ एवं पागल…
कहानी महर्षि दधीचि की- देवताओं की प्राण रक्षा के लिए किया था अपनी अस्थियों का दान
Maharishi Dadhichi Story in Hindi : एक बार देवराज इंद्र के मन में अभिमान पैदा हो गया जिसके फलस्वरूप उसने देवगुरु बृहस्पति का अपमान कर दिया। उसके आचरण से क्षुब्ध होकर देवगुरु…