बॉडी में एसिड बढ़ने से एसिडिटी (Acidity) की प्रॉब्लम होती है। इससे सीने में दर्द, पेट में जलन या खट्टी डकार हो सकती है। ये सिम्पटम्स इस बात का संकेत होते हैं कि बॉडी में एसिड का बैलेंस बिगड़ रहा है। आइए जानते है बॉडी में एसिड के बैलेंस को बनाए रखने की टिप्स और यदि एसिडिटी (Acidity) हो जाए तो उसे दूर करने के घरेलु उपाय –
यह भी पढ़े – ये 12 संकेत बताते है की हो सकती है आपको डायबिटीज़

एसिडिटी के लक्षण (Symptoms of Acidity) –
- यदि अक्सर कब्ज रहती है तो यह संभवतः एसिडिटी का Symptom है।
- भोजन का ठीक तथा सामान्य समय मे पाचन न होना, पेट भारी-भारी रहना।
- कडुवी तथा खट्टी डकारें आना मुंह से दूर्गंध आना, गले मे जलन होना।
- डकार के साथ तीखा तथा खट्टा पानी गले मे उतर आना, भोजन के अरूचि होना।
- उलटी के साथ कडुवा, खट्टा व हरा झागदार पदार्थ निकलना।
- चक्कर आना, सिर दर्द ठीक न होना, शरीर मे भारीपन लगना, थकान का अनुभव होना।
- मल मे अधपका भोजन निकलना, पेट का फूलना तथा कब्ज़ बना रहता है।
एसिडिटी के कारण (Causes of Acidity) –
- अम्ल प्रधान आहारों के अधिक सेवन से एसिडिटी हो सकती है।
- जब ज्यादा समय तक अपच या अजीर्ण की स्थिति बनी रहती है।
- पदार्थेा के साथ प्रोटीन यूक्त पदार्थ, जैसे: पनीर, अंडा, मछली तथा दालें आदि ले लिए जाते है, तो प्रोटीन तो पहले पच जाती है, लेकिन श्वेतसार भोज्य नही पचता है, जिसके कारण से खट्टी डकारें आने लगती है।
- खाने को अधिक मात्र में गर्म मसालों में तलकर खाने से, यें जठराग्नि को कमजोर कर देते है, जिससे भोजन पचने के स्थान पर सड़ता है, और एसिडिटी रोग हो जाता है।
- अधिक तनाव तथा चिंता भी Hyper Acidity का कारण बनते है।
- चटपटे, खट्टे-मिठे, मिर्च-मसाले वाले, नमकीन, तले-भुने खाद्य पदार्थ जैसे चाट-पकौडे, दालमोठ, चाय, काफी धूम्रपान, शराब तथा मांसाहारी भोजन से Acidity बढती है।
- देर तक सोना, सूर्योदय के बाद शौच जाना भी पित को बढा देता है।
- पुरानी कब्ज से ब्लड में हानिकारक तत्वों की अधिकता हो जाती है और रक्त शोधन करने की क्रिया से एसिडिटी हो जाती है।
- शरीर मे पानी की कमी से भी अम्लता बढती है।
- शत्रु प्रवति के आहार को एक साथ खाना जैसे की – दुध और दही, दुध-लहसुन आदि।
एसिडिटी से बचाव के उपाय (Prevention of acidity)
- गैप लेकर खाएं – पेटभर खाने की बजाय दिन में 4 से 6 बार कई हिस्सों में खाना खाएं।
- खाने के तुरंत बाद पानी न पिएं – खाना खाने के तुरंत बाद पानी न पीकर आधे से एक घंटे के बाद एक गिलास पानी पिएं।
- सुबह उठते ही पानी पिएं – सुबह जल्दी उठकर एक गिलास पानी पीने से पेट में रात में बना एसिड साफ़ होता हैं।
पर्याप्त नींद लें – रात को कम से कम 7 या 8 घंटे की नींद जरूर लें। इससे डाइजेशन सही रहता है जिससे एसिडिटी कंट्रोल रहती है। - मसालेदार खाना अवॉयड करें – ज्यादा मिर्च-मसालेदार खाना अवॉइड करें। ज्यादा मसालेदार खाने से बॉडी में एसिड की मात्रा बढ़ती है।
- दवाइयां खाली पेट ना लें – कुछ दवाइयां एसिडिटी की वजह बन जाती हैं। इन्हें खाली पेट न लें।
- वजन कंट्रोल करें – वजन बढ़ने के कारण डाइजेशन खराब होता है। इसलिए एक्सरसाइज या योगा की मदद से जल्द से जल्द वजन कंट्रोल करें।
एसिडिटी दूर करने के घरेलू उपाय (Home Remedies For Acidity) –
- अदरक के रस में शहद मिलाकर पिएं।
- एक गिलास ठंडा दूध पिएं।
- एसिडिटी होने पर एलोवेरा जूस पिएं।
- पुदीने की पत्तियों को उबालकर पिएं।
- गुनगुने पानी में नींबू निचोड़ कर पिएं।
- एक गिलास पानी में दो इलायची के दाने उबाल लें। गुनगुना होने पर इसे पिएं।
- एक गिलास पानी में एक चम्मच मीठा सोडा मिलाकर धीरे-धीरे पिएं।
- एक कप पानी में आधा निम्बू का रस और एक चम्मच शहद मिलाकर पिएं।
- त्रिफला पाउडर को दूध में मिलाकर पिएं।
- एक गिलास गुनगुने पानी में थोड़ा सा काली मिर्च पाउडर और निम्बू निचोड़कर पिएं।
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