Ajab Gajab

Status, Shayari, Message, Vrat Katha, Pauranik Katha, Jyotish, News, Hindi Story, Religion, Health, Poem, Jokes, Kavita, Geet, Gazal, Wishes, SMS, Interesting Facts

Menu
  • Pauranik Katha
  • Jyotish
  • Quotes
  • Shayari
  • Amazing India
  • Self Improvment
  • Health
  • Temple
  • Bizarre
Menu

कहानी कौंथर कुएं के असाधारण पानी की- जिसके कारण चंद ग्रामीणों ने किया था, अंग्रेजी रेजिमेंट का 2 महीने तक सामना

Posted on February 4, 2015April 17, 2016 by Pankaj Goyal

Kounther Village Real Story in Hindi : क्या किसी कुएं का पानी किसी व्यक्ति के अंदर स्वाभिमान और आत्मसम्मान की भावना जगा सकता है ? हम शायद इस बारे में कुछ न कह पाए, लेकिन इतिहास में मुरैना जिले की पोरसा तहसील के ग्राम कौंथर के एक प्राचीन कुएं को इसलिए याद किया जाता है की इसका पानी ग्रामीणो के अंदर स्वाभिमान और आत्मसम्मान की भावना पैदा करता था। और ऐसी धारणा बनने के पीछे कारण यह है की इस गांव के मुट्ठी भर ग्रामीणो ने तीन गौ-भक्तों को पकड़ने आई अंग्रेजों की एक पूरी रेजिमेंट को पुरे 2 महीने तक गाँव में नहीं घुसने दिया था।

Kounther Village Story & History in Hindi

जब अंग्रेजों को गांव के ही एक भेदीय से इस कुएं के बारे में पता चला तो अंग्रेजों ने उस भेदिये के द्वारा ही उस कुएं को रातो-रात पटवा दिया था। तब जाकर अंग्रेज उस गाँव में प्रवेश कर पाए थे। इस घटना का उल्लेख 1914 के ब्रिटिश गजेटियर में भी है। आइये पूरी घटना को विस्तार से जानते है।

घटना कुछ इस प्रकार है  कि तकरीबन 100 वर्ष पूर्व कौंथर गांव के तीन बागी भाइयों भूपसिंह, जिमीपाल, मोहन सिंह तोमर ने नागाजी धाम के महाराज कंधरदास के प्रयासों से बीहड़ों का रास्ता छोड़कर गौ हत्या रोकने का संकल्प लिया। इसी संकल्प के साथ तीनों भाइयों ने ग्वालियर मुरार के कसाईखाने पर हमला बोल दिया, जहां गौवंश को काटकर मांस का निर्यात किया जाता था।

Kounther Village Story & History in Hindi

कसाईखाने को तहस-नहस करने के बाद तीनों भाइयों कौंथर गांव में शरण ले ली। इससे नाराज होकर यंग साहब नामक अंग्रेजी अफसर ने इलिंग बर्थ नाम की पूरी रेजिमेंट ही कौंथर गांव को तहस-नहस करने के लिए भेज दी। लेकिन कौंथर के मुठ्ठीभर ग्रामीणों ने पूरे दो महीने तक अंग्रेजी सेना को गांव के अंदर नहीं घुसने दिया। इससे घबराए अंग्रेज अफसरों ने गांव के ही भेदियों को यह पता लगाने भेजा था कि आखिर ऐसा क्या है, जिससे गांव के लोग अंग्रेजी सेना को टक्कर दे रहे हैं। भेदियों ने अंग्रेजी अफसरों को बताया कि गांव में एक प्राचीन कुआं है, जिसका पानी पीने से ही इन ग्रामीणों के अंदर आत्मसम्मान स्वाभिमान का भाव पैदा हो जाता है। बाद में अंग्रेजी अफसरों ने भेदियों की मदद से गांव के प्राचीन कुएं अन्य कुओं को पटवा दिया। इसके बाद ही सेना गांव में घुस सकी थी।

इतिहास में दर्ज है यह घटना

यह सत्य है कि अंग्रेज अफसर यंग साहब के नेतृत्व में ब्रिटिश फौज की पूरी एक रेजिमेंट ने कौंथर गांव पर हमला किया था। कई पुरानी लोकगाथाएं भी इस क्षेत्र के बारे में प्रचलित है। लेकिन यहां की गौभक्त भाइयों की घटना सत्य है। प्रो.‌ डाॅ. शंकर सिंह तोमर, इतिहासकार – साहित्यकार

ब्रिटिश गजेटियर में भी है उल्लेख

कौंथर गांव के प्राचीन कुए का पानी पीकर लोग स्वाभिमानी हो जाते थे, इसका उल्लेख ब्रिटिश गजेटियर में भी है। इसमें उल्लेख है कि सन् 1914 में गर्मियों के दिनों में मुरार के कसाईखाने पर हमला किया गया था। तब ई. इलिंग बर्थ रेजिमेंट ने बागियों की घेराबंदी की, लेकिन उन्होंने सरेंडर करते हुए अंग्रेजी सेना को दो माह तक टक्कर दी, इसलिए रेजीडेंट ने गांव के तीनों कुएं ही पाट दिए। कुछ समय पूर्व सबसे पुराने कुएं को खोला भी गया लेकिन अब उसका जलस्तर काफी नीचे चला गया है।

अन्य ऐतिहासिक लेख- 

क्या है ‘अगम कुएं’ का रहस्य
चमकौर का युद्ध- जहां 10 लाख मुग़ल सैनिकों पर भारी पड़े थे 40 सिक्ख
यशवंतराव होलकर – जिनसे अंग्रेज भी खाते थे खौफ
कहानी हाड़ा रानी की – जिसने खुद अपने हाथो से अपना शीश काटकर पति को भिजवाया था निशानी के रुप में
भूपत सिंह चौहाण – इंडियन रॉबिन हुड – जिसे कभी पुलिस पकड़ नहीं पायी

Related posts:

विश्व महासागर दिवस का इतिहास, उद्देश्य और महत्व
National Doctors Day History In Hindi, How to Celebrate?, When and Where Doctors Day is Celebrated
रानी कर्णावती की कहानी और इतिहास
अप्रैल फूल डे का इतिहास | April Fool Day History In Hindi
मतीरे की राड़ - जब एक मतीरे (तरबूज) के लिए लड़ा गया खुनी युद्ध
पद्मिनी-गोरा-बादल | Padmini-Gora-Badal | Poem By Pandit Narendra Mishra
कहानी रानी पद्मनी (पद्मावती) की | Rani Padmani Story & History
लाल बहादुर शास्त्री के जीवन से जुड़े रोचक और प्रेरक किस्से
इस सीरियल किलर का सिर 150 सालों से रखा है प्रिज़र्व, जानिए क्यों
रामप्रसाद बिस्मिल का अंतिम पत्र

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Daily Horoscope

04/16/26

Pages

  • AdTest
  • Contact Us
  • Disclaimer
  • Guest Post & Sponsored Post
  • Privacy Policy
©2026 Ajab Gajab | Design: Newspaperly WordPress Theme