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भूत-प्रेत क्या होते हैं ? : Bhoot Pret Kya Hote Hain ?

Posted on July 13, 2014May 15, 2016 by Pankaj Goyal

Bhoot Pret Kya Hote Hain : भूत-प्रेतों के बारे में आपकी  सारी जिज्ञासाओ को शांत करने वाला एक लेख।

Bhoot Pret Kya Hote Hain Hindi Complete Information

भूत-प्रेत के नाम से एक अनजाना भय लोगो की मन को सताता है।  इसके किस्से भी सुनने को मिल जाते है और लोग बहुत रुचि व विस्मय के साथ इन्हें सुनते है और इन पर बनें सीरियल, फिल्मे देखते है व कहानियाँ पढ़ते हैं। भूत-प्रेत का काल्पनिक मनः चित्रण भी लोगों को भयभीत करता है-रात्रि के बारह बजे के बाद, अँधेरे में, रात्रि के सुनसान में भूत-प्रेत के होने के भय से लोग़ डरते हैं। क्या सचमुच भूत-प्रेत होते है ? यह प्रशन लोगों के मन में आता है ? क्योंकि इनके दर्शन दुर्लभ होते है, लेकिन ये होते है। जिस तरह से हम वायु को नहीं देख सकते, उसे महसूस कर सकते हैं, उसी तरह हम भूत को नहीं देख सकते पर कभी-कभी ये अचानक देखे भी जाते है।  भूतों का अस्तित्व आज भी रह्स्य बना हुआ है।  इसलिए इनके बारे में कोई भी जानकारी हमें रोमांच से भर देती है।

आखिर भूत है क्या ? यह प्रश्न उठना स्वाभाविक है।  परंपरागत तौर पर यही माना जाता है कि भूत उन मृतको की आत्माएँ हैं, जिनकी किसी दुर्घटना, हिंसा, आत्महत्या या किसी अन्य तरह के आघात  आकस्मिक मृत्यु हुई है।  मृत्यु हो जाने के कारण इनका अपने स्थुल शरीर से कोई संबंध नहीं होता।  इस कारण ये भूत-प्रेत देखे नहीं जा सकते।  चूँकि हमारी पहचान हमारे शरीर से होती हैं और जब शरीर ही नहिं है तो मृतक आत्मा को देख पाना और पहचान पाना मुश्किल होता हैं। भूत-प्रेतों को ऐसी नकारात्मक सत्ताएं माना गया है, जो कुछ कारणों से पृथ्वी और दूसरे लोक  बीच फँसी रहती हैं।  इन्हे बेचैन व चंचल माना गाया है, जो अपनी अप्रत्याशित मौत के कारण अतृप्त हैं।  ये मृतक आत्माएँ  कई बार छाया, भूतादि के रूप में  स्थानों  के पीछे लॉग जाती हैं, जिनसे जीवितावस्था में इनका संबन्ध या मोह था।

कहते हैं की जीवित रहते हुए छोड़े गए अधुरे कार्यं, सांसारिकता से बेहद जुड़ाव तथा भौतिक चीजों के प्रति तीव्र लगाव भी मृत व्यक्ती की आत्मा को धरती की तरफ खीच लाते है। यह भी कहा जाता है ऐसी आत्माएं अपनी अदृश्य मौजूदगी से लेकर पारभासी छाया, धुंधली आकर्ति या फिर जीवितावस्था में जीवित लोगों के सामने प्रकट होती हैं।

भूत-प्रेत क्या होते है ? इसे लेकर तरह-तरह की धारणाएं और सिद्धांत हैं।  जैसे की विज्ञान मानता है की ऊर्जा को न तो पैदा किया जा सकता है और न ही नष्ट किया जा सकता हैं। यह तो केवल एक रूप से दूसरे रुप में परिवर्त्तित होती हैं। जब तक हम जीवित होते हैं,  तब तक हमारे शरीर में ऊर्जा विभिन्न रूपों  मौजूद रहती हैं। हमारे विचार, भावनाएं, संवेदनाएं और यहाँ तक की हमारी आत्मा भी ऊर्जा का ही एक रुप होते है। ऊर्जा सूक्ष्म तत्व है, जिसे महसूस किया जा सकता है लेकिन देखा नहीं जा सकता।  शरीर के माध्यम से इस ऊर्जा की अभिव्यक्ति मात्र होती हैं।  मृत्यु के समय हमारा शारीर  हो जाता हैं, लेकिन ऊर्जा नष्ट नहीं होती और यह सूक्ष्म लोक में प्रवेश कर जाती हैं। इस तरह की ऊर्जा के प्रति जंतु ज्यादा सवेंदनशील होते हैं। इस बात के कई प्रमाण मिले है क़ि पशु किसी ख़ास कमरे में जाना पसन्द नहीं करते, अनदेखी चीज़ से डरकर भागते है या हवा में किसी चीज़ को एकटक निहारते रहते हैं।

‘स्प्रिचुअल साइंस रिसर्च फाउंडेशन’ के अनुसार – व्यक्ति की मृत्यु हो जाने पर उसके भौतिक अंत हों जाता है, लेकिन सूक्ष्म शरीर (अवचेतन मन, बुद्धि, अहं, एवं आत्मा) की यात्रा आगे भी जारी रहती है।  ऐसे ही सूक्ष्मशरीरों में कुछ भूत-प्रेत पृथ्वी के आस-पास ही मौजूद रहते हैं।  इस तरह भूत-प्रेतों के बारे में यह कह सकते है की ए सूक्ष्मशरीरधारी है,  संबंध सबसे निम्नलोक से हैऔर जो पृथ्वीलोक मे भि मौज़ूद राहते हैं।  इसकी वजह यह है की भूत विभिन्न सूक्ष्मलोकों से पृथ्वी जैसे स्थूल लोक में अपनी इच्छा से यात्रा कर सकते हैं।  इनका  सकारात्मक लोक यानी स्वर्ग या इससे उच्चतर लोकों मे नहिं होता।  ये अतृप्त इच्छाओं से भरें होते है।  ऐसी आत्माएँ  कमजोर मनः स्तिथि क़े जीवीत लोगों के पीछे लगकर, उनके दिमाग पर कब्ज़ा कर , उन्हें तंग कर सुख भी हासिल करती है।

एक सहज प्रश्न मन में उठता है की मरने के बाद जीवात्मा की गति क्या होती है ? वह कहाँ जाती है ? क्या सभी जीवात्माएं मरने के बाद भूत बनती है ? इस प्रश्न उत्तर है – नहीं।  हिन्दू व सांख्य दर्शन के अनुसार, जीवन काल में किए गए हमारे कर्म व व्यवहारों के अनुसार यह निर्धारित होता है की शरीर कि मृत्यु होनें की बाद हमें क़्या बनना है। भूत-प्रेत बनकर निम्नलोकों  में भटकना हैं या आगे कि यात्रा ज़ारी रखते हुए इससे लोको में जाना है।

हमारी मृत्यु के बाद जीवन को निर्धारित करने वाले कुछ अन्य कारक है, जैसे – जीवात्मा की मृत्यु का प्रकार कैसा हैं, यह स्वाभाविक है, शांतिपूर्ण है, उग्र है या दुर्घटना युक्त हैं। इसके अलावा मृत व्यक्ति की वंशजों द्वारा  गया अंतिम संस्कार भी जीवात्मा की गति को प्रभावित करता है। जहाँ तक मृत व्यक्ति के  क़ि बात है तो इस बारे में विभिन्न धर्म ग्रंथों में अनेक कारण बताए गए है, जैसे की अपूर्ण इच्छाएँ, लिप्साएँ, लोलुपताएँ, कई तरह के व्यक्तित्व विकार जैसे – क्रोध, लालच, भय, मन में ज्यादातर समय तक नकारात्मक विचार, उच्च स्तर का अहंकार, दूसरों को दुःख पहुंचाने का व्यवहार, परपीड़ा में सुख महसूस करने का भाव, आध्यात्मिक जीवन का अभाव आदि।

माना जाता है कि जो लोग अपने जीवन में आध्यात्मिक विकास करते हुए सार्थक प्रगति कार लेते है , वे कभी भूत-प्रेत नहीं बनते।  आध्यात्मिक विज्ञान शोधों का तो यहाँ तक कहना है कि यदि कोई अच्छा व्यक्ति हैं, लेकिन उसने जीवन भर आध्यात्मिक साधनाओं का कोई अभ्यास नहीं किया तो उसके मरने के बाद उसके भूत बनने कि जयादा संभावना होती है ; क्योकि तब उच्च स्तर के भूतों द्वारा उस पर हमला किया जाता है और वह मृतात्मा अन्य भूतों के नियंत्रण में आ जाती है, ठीक वैसे ही, जैसे उसके ऊपर किसी का शासन हो।

भूत-प्रेत दो तरह के होते है।  पहले वे, जिनकी अकाल मृत्यु हो गई है और अपनी निर्धारित आयु पूरी होने तक वे भूत-प्रेत बनकर भटकते रहते है  और दूसरी तरह के भूत वे होते है, जिनके बुरे कर्मों के कारण उन्हें भूत-प्रेत बनने की सजा मिलती है।  सजा भुगतने वाले भूत-प्रेतो की आयु कम से कम 1000 साल होती है।  भूत-प्रेतों के अंतर्गत भी कई योनियाँ हैं, जैसे-प्रेत, पिशाच, डाकिनी, शाकिनी, ब्रह्मराक्षस आदि।

भूत-प्रेतों के बारे में तरह-तरह के किस्से-कहानियाँ सुनने  जाती हैं, लेकिन उनकी वास्तविक प्रकर्ति की बारे में बहुत कम जानकारी उपलब्ध हुई है; क्योकि जिस तरह से भूत-प्रेत खुद को अभिव्यक्त करते है , वे तरीके अप्रत्याशित औऱ दूर्लभ है।  ये सामन्यतः शोर,आवाज़े, सनसनाहट, गंध, वस्तुओं की उठा-पटक आदि के रूप में सामने आते है, जो कभी- अतिश्योक्तिपूर्ण, आलंकारिक और झूठ की गुंजाइश भी लिए होते है। इस बारे में हुए सर्वेक्षण ऐवं अध्ययन बताते है  लगभग हर 10 में से एक व्यक्ति के पास भूतों को महसूस करने की क्षमता है।  जो लोग सप्रयास तथा सक्रीय रूप से इन्हे देखने की कोशिश करते है, उन्हें इनमे सफलता मिलने कि कम से कम सँभावना होती है।  बच्चों को इसका अनुभव व्यस्कों की तूलना में ज्यादा होता है।  उम्र बढ़ने के साथ व्यस्कों मे इनके विरूद्ध अवरोध की यांत्रिकता विकसित हों जाती है। इसी तरह पुरुषों की तुलना में महिलाओं को इनकि मौजूदगी क्या अनुभव ज्यादा होता है।

भूत का एक अर्थ होता है-जो बीत गया। इसी तरह से भूत का संबंध भी अतीत कि गहराई से होता हैं। वही मृतात्मा भूत-प्रेत बनती है, जिसमें आसक्ति बहुत अधिक होती है ओर इसी काऱण वह अपने अतीत से जुडी होती है। भूत-प्रेत होते जरूर है, लेकिन इनसे डरने की जरूरत नहीं।  ये हमारा कुछ बिगाड़ नहीं सकते; क्योंकि हम स्थूलशरीर में है और ये सूक्ष्मशरीर में।  स्थूल व सूक्ष्मशरीर की सीमाएँ व मर्यादाएँ है, जिन्हें ये तोड़ नहीं सकते।  फिर भी कुछ घटनाएँ ऐसी घटती है, जो इनके अस्तित्व की पहचान करातीं हैं।  ऐसे में आवश्यकता मात्र जीवन के मूलभूत सिद्धान्तों को समझकर निरंतर शुभ कर्म करने की है, ताकि शरीर छूटने के उपरान्त अच्छे कर्मों का परिणाम अच्छा ही मिल सके।

साभार – अखंड ज्योति, जून 2014 (शांतिकुंज हरिद्वार से प्रकाशित मासिक पत्रिका)

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21 thoughts on “भूत-प्रेत क्या होते हैं ? : Bhoot Pret Kya Hote Hain ?”

  1. SATYAM SHARMA says:
    June 29, 2017 at 4:35 am

    Na to god hain air na hi bhoot pret hain ye hamare mn ka waham hai . Hakeekat me dekha jaye to do energy hoti hai 1st positive energy 3nd negative energy.Mai kahta hu aakhir hme dar kyu lagta h kyu ki hme bachpan se hi bhoot pret ki kahaniyo aur horror movie dikhaye gaye jis se ki hamare mn me ek waham baith gaya h that solve.Aur ha ek sbse badi baat ki Agar kisi bacche ko bachpan se hi na to bhagwan aur na hi bhoot pret ke baare me na bataya jaye to wo baccha bilkul needar hoga aur bhoot pret ,god ke baare me baat karne walon pr hasega….simple

    Reply
  2. navajit moran assam says:
    June 15, 2017 at 10:35 am

    bhoth soch main hota hai. bhooth ko nahi manne wala kia janega.hamare yeaha aise dher sare sochi kahania hai.par main woh nahi batawonga kiongki likhne ke lie tim logta hain. bhooth hai ise sabit korne ke lie ak trick batata hu .trick bORI ASSAN HAI,upko bhooth dhondne ke lia kohi jana nohi hai .ghor main hi jania. upne to jadu ka khel dekha hi hoga . yeh maJK huni ko anhuni aur anhuni ko honi mai bodal deta hain.YEH JADU KIA CHIJ HAIIIIIIIIIIIIIIIIII.ise kisne bonaya? luog kehta hai ki yeh hatho ka sofai hai. ismain hatho ka sofai tooooo dikhtahi nahi. yeh jadu ko na bhogwan ne hi bonaya hai . agor bhogwan hai to bhooth bhi hain.

    Reply
  3. anup lakra says:
    February 23, 2017 at 5:50 am

    my jana jahta hu samsan or dana thali wala kahani v sun chuka hu aise log kewal 12 baje hi bolte h hm or mere dost rat 11-se lekar 2 baje tak party kiye daru piye garmi ka mosam tha to nadi kinare thandi hawa v chal rha tha or wanha na koi bhoot aya or nhi pret or to or kabar se kuch sikka v nikal liya tha waise kabar k upri hisse m tha . or log kahte the banda suwar ka meat le jane se bhoot ata h or hm waisa hi kiye kuch ka thikana nhi sab bakwas mantra h isme admi ko kewal dra deta h or kuch nhi jo sansil h uske liye chutkiyo ka khel h

    Reply
  4. KamaaL Art says:
    January 10, 2017 at 5:32 pm

    mai ek kahani batane jaraha hun sach samjho ya galt ek bachcha male me kho gaya galti se jangal me ja pahucha lag bhag 10saal baad wah saher me aagaya to batao itne dino me bhoot use kyu nahi mila
    ye hamati bichaar dara hame mahboor jar deti hai ok

    Reply
  5. Sandeep kumar says:
    November 19, 2016 at 4:24 pm

    No one knows about ghosts ya fir mar ke dekh lo ek bar pata chal jaega

    Reply
  6. RAKESH says:
    October 12, 2016 at 12:18 pm

    BHOOT PRET HOTE HAIN..,,, AGAR AP DROGE TO HI APKO DARAYENGE.,.,..NAHI VISHWAS TO SHMSHAN ME JAKAR RAAT K 12 BAJE EK THALI ME GHEE AUR SARSO KE DANE LEKAR JANA APKO BHOOT K DARSHAN HO JAYEGE OR JO LOG INHE NHI MANTE VO BHI MANNE LGEGE/..,;/,,…..//\\

    Reply
  7. shelly agnihotri says:
    July 21, 2016 at 8:56 am

    MAY 2016 Ki baat hai, mein kisi kaam se baahar gyi thi to mujhe pass hi me beauty parlour chalne wali lady mili usne mujhse kaha ki bahut din ho gye h tum parlour nhi aayi. MainE usse promise kiya ki mein aaoongi ,use 2 4 din baad mujhe parlour jana pada.wahan par ek ladki thi maine usse poocha ki kaha h madam, to usne kaha i tumhe nhi pata unki death hue 6 months ho gye h.meri nazar mala wali tasveer par gyi jo usi lady ki thi. mujhe bahut daarr lagaa

    Reply
  8. Tyoti Gajraj says:
    July 19, 2016 at 6:15 pm

    Bhoot h ya nhi pta nhi sayed ha sayed nhi jo bhi
    pr hum jo sochege Hume wsa hi mahshus hoga ye Mera experience h reality h 100%

    Reply
  9. shantam says:
    June 20, 2016 at 4:44 pm

    Jinn wagairah kuch nahi hote h…. Ye bhoot pret ko hi Muslims jinn kh kr bulane lage…

    Reply
  10. ashok agnihotri says:
    June 16, 2016 at 11:47 am

    Mai kahta hu ki kha bhoot pret dikhai kyu nhi dete yadi hum sb science ke hisaab se manenge to na to god h aur na hi ghost h

    Reply
  11. Ganesh mohanty says:
    June 6, 2016 at 2:52 pm

    Bhoot pret ek kalpana he. Bastabikata me ise koi sambandh nehi

    Reply
    1. Ganesh Rawat says:
      June 30, 2016 at 1:30 pm

      Bhai Its A real Bhoot Hoote Hai Us se aatma kahte hai. jo apni eacha adhuri rakhata hai wo aatma bhoot ban jati hai

      Reply
  12. omkar ray says:
    May 5, 2016 at 9:21 pm

    Jai jai jai bajrang bali. Bhoot pichas nikat nahi aawe

    Reply
  13. shankar lal says:
    April 2, 2016 at 10:27 am

    ghost real hai

    Reply
  14. Ravindra Shinde says:
    February 10, 2016 at 6:58 am

    Fir Bhi Hamare Ass Pass Bhut Hai Ya Nahi Ye Pahchanana Mushkil Hai.

    Reply
  15. rahul ratro says:
    December 13, 2015 at 5:21 pm

    Main manta hu ki hmare utppti samay ke saat science se hui h. So I think na to god ha na hi ghost h.

    Reply
    1. salman khan says:
      April 6, 2016 at 12:05 pm

      bhoot nhi hote jinn hote he jinn ko log bhoot samaj lete he

      Reply
    2. Ankush tyagi says:
      May 12, 2016 at 8:32 pm

      Jose hum science se samajh nahi sakte wahi god ya demon h.itna sab bina reason k nahi ban gaya.do u believe in soul.Jo Marne k bad body se nikal jati h kya use science bana payegi.

      Reply
  16. tarun kumar saroch says:
    September 15, 2015 at 6:02 am

    good work

    Reply
  17. Manish Kumar says:
    August 23, 2015 at 11:15 am

    Awesome

    Reply
    1. Johnny Sparrow says:
      April 3, 2016 at 4:57 pm

      mai kuch kam karne keliye ek jaga pe gayata kam nhi uva lekin bhoot jayse ek Adhubhoot tarre ko dekha white colour me bhoth bada … Sachi hy

      Reply

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