Ajab Gajab

Status, Shayari, Message, Vrat Katha, Pauranik Katha, Jyotish, News, Hindi Story, Religion, Health, Poem, Jokes, Kavita, Geet, Gazal, Wishes, SMS, Interesting Facts

Menu
  • Pauranik Katha
  • Jyotish
  • Quotes
  • Shayari
  • Amazing India
  • Self Improvment
  • Health
  • Temple
  • Bizarre
Menu

बावनी इमली शहीद स्मारक – फतेहपुर – एक इमली का पेड़ जिस पर अंग्रेजो ने 52 क्रांतिकारियों को एक साथ लटकाया था फांसी पर

Posted on May 19, 2014May 20, 2016 by Pankaj Goyal

52 Imali Shahid Smarak Story & History In Hindi : -हमारे देश को अंग्रेजो की दासता से मुक्त कराने के लिए अनगिनत क्रांतिकारियों ने अपनी जान भारत माँ के नाम कुर्बान करी थी। इन शहीदो की शाहदत को नमन करने के लिए अनेको जगह शहीद स्मारक बने  हुए है, जो की हमें उन आज़ादी के सिपाहियों कि देश की स्वतंत्रता के लिए किए गए बलिदानो की याद दिलाते है। ऐसे ही एक क्रांतिकारी बाबू बंधू सिंह के शहीद स्मारक के बारे में हम आपको पहले ही बता चुके है जो की अँगरेज़ सैनिको के सिर काटकर तरकुलहा देवी के चरणो में चढ़ा देते थे।

52 Imali Shahid Smarak, Fatehpur,  U.P., Story & History In Hindi

आज हम आपको ऐसे ही एक और स्मारक के बारे में बता रहे है जो की इतिहास में बावनी इमली के नाम से जाना जाता है। असल में यह एक इमली का पेड़ है जिस पर अंग्रेजो ने 28 अप्रेल 1858 को 52 क्रांतिकारियों को एक साथ फांसी पर लटका दिया था। यह पेड़ गवाह है अंग्रेजो की नाक में दम करने वाले क्रांतिकारी जोधा सिंह अटैया और उनके 51 साथियो की शाहदत का।

बावनी इमली शहीद स्थल उत्तरप्रदेश के फतेहपुर जिले के बिन्दकी उपखण्ड में खजुआ कस्बे के निकट पारादान में स्थित है। ठाकुर जोधा सिंह अटैया, बिंदकी के अटैया रसूलपुर (अब पधारा) गांव  के निवासी थे। वो झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई से प्रभावित होकर क्रांतिकारी जोधा सिंह अटैया बन गए थे। जोधा सिंह ने अपने दो साथियो दरियाव सिंह और शिवदयाल सिंह के साथ मिलकर गोरिल्ला युद्ध की शुरुआत करी और अंग्रेज़ो की नाक में दम करके रख दिया।

52 Imali Shahid Smarak Story & History In Hindi

जोधा सिंह ने 27अक्टूबर 1857 को महमूदपुर गांव में एक दरोगा व एक अंग्रेज सिपाही को घेरकरमार डाला था। सात दिसंबर 1857 को गंगापार रानीपुर पुलिस चौकी पर हमला कर एक अंग्रेज परस्त को भी मार डाला। इसी क्रांतिकारी गुट ने 9 दिसंबर को जहानाबाद में तहसीलदार को बंदी बना कर सरकारी खजाना लूट लिया था।साहसी जोधा सिंह अटैया को सरकारी कार्यालय लूटने एवं जलाये जाने के कारण अंग्रेजों ने उन्हें डकैत घोषित कर दिया। चार फरवरी 1858 को जोधा सिंह अटैया पर ब्रिगेडियर करथ्यू ने आक्रमण किया लेकिन वो बच निकले।  लेकिन जैसा की हमारे कई क्रांतिकारि अपनों की ही मुखबरी का शिकार बने ऐसा ही जोधा सिंह और उनके साथियो के साथ हुआ।

52 Imali Shahid Smarak Story & History in Hindi

जोधा सिंह 28 अप्रैल 1858 को अपने इक्यावन साथियों के साथ खजुआ लौट रहे थे तभी मुखबिर की सूचना पर कर्नल क्रिस्टाइल की सेना ने उन्हें सभी साथियों सहित बंदी बना लिया और सभी को इस इमली के पेड़ पर एक साथ फांसी दे दी गयी। बर्बरता की चरम सीमा यह रही कि शवों को पेड़ से उतारा भी नहीं गया। कई दिनों तक यह शव इसी पेड़ पर झूलते रहे। चार मई  की रात अपने सशस्त्र साथियों के साथ महराज सिंह बावनी इमली आये और शवों को उतारकर शिवराजपुर गंगा घाट में इन नरकंकालों की अंत्येष्टि की।

52 Imali Shahid Smarak, Hindi, Story, History, Kahani, Information, Jankari,

तभी से यह इमली का पेड़ भारत माता के इन अमर सपूतो की निशानी बन गया।  आज भी यहाँ पर शहीद दिवस 28 अप्रेल को और अन्य राष्ट्रीय पर्वो पर लोग पुष्पांजलि अर्पित करने पहुंचते है। (राष्ट्रीय स्तर पर शहीद दिवस 23 मार्च को क्रांतिकारी भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु की शाहदत कि याद में मनाया जाता है, पर यहाँ पर 28 अप्रेल को भी इन 52 क्रान्तिकारियों की याद में शहीद दिवस मनाते है) । साहित्यकार वेद प्रकाश मिश्र ने शहीद स्माकर बावनी इमली पर अमर शहीदों की गाथा को काव्य रूप प्रदान करने करते हुए कृतियां सृजित की हैं। इन कृतियों में बावनी इमली और दूसरी फतेहपुर क्रांति के पुरोधा, दरियाव गाथा व हिकमत-जोधा शामिल हैं।

अन्य सम्बंधित लेख :

  • Jangamwadi math (वाराणसी) : जहा अपनों की मृत्यु पर शिवलिंग किये जाते हे दान
  • वफादार कुत्ता जिसने रणभूमि में मारे कई मुग़ल सैनिक
  • तरकुलहा देवी (Tarkulha Devi) – गोरखपुर – जहाँ चढ़ाई गयी थी कई अंग्रेज सैनिकों कि बलि
  • कहानी राजा भरथरी (भर्तृहरि) की – पत्नी के धोखे से आहत होकर बन गए तपस्वी
  • भूपत सिंह चौहाण – इंडियन रॉबिन हुड – जिसे कभी पुलिस पकड़ नहीं पायी

Related posts:

विश्व महासागर दिवस का इतिहास, उद्देश्य और महत्व
National Doctors Day History In Hindi, How to Celebrate?, When and Where Doctors Day is Celebrated
रानी कर्णावती की कहानी और इतिहास
अप्रैल फूल डे का इतिहास | April Fool Day History In Hindi
मतीरे की राड़ - जब एक मतीरे (तरबूज) के लिए लड़ा गया खुनी युद्ध
पद्मिनी-गोरा-बादल | Padmini-Gora-Badal | Poem By Pandit Narendra Mishra
कहानी रानी पद्मनी (पद्मावती) की | Rani Padmani Story & History
लाल बहादुर शास्त्री के जीवन से जुड़े रोचक और प्रेरक किस्से
इस सीरियल किलर का सिर 150 सालों से रखा है प्रिज़र्व, जानिए क्यों
रामप्रसाद बिस्मिल का अंतिम पत्र

3 thoughts on “बावनी इमली शहीद स्मारक – फतेहपुर – एक इमली का पेड़ जिस पर अंग्रेजो ने 52 क्रांतिकारियों को एक साथ लटकाया था फांसी पर”

  1. indian army says:
    January 12, 2017 at 1:11 am

    Mahatma gandhi ko to sab jante honge lekin in sahido ko koi nahi

    Good post

    Reply
  2. देवेन्द्र सिंह says:
    April 28, 2016 at 4:31 am

    भारत माता की जय। अब कोई ऐसी हिम्मत कर के दिखाए। जमीन में दफ़न कर देंगे।

    Reply
  3. saurabh mishra says:
    March 4, 2016 at 2:53 am

    इन अँमर शहीदों को शतशत नमन हमारा।

    Reply

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Daily Horoscope

04/16/26

Pages

  • AdTest
  • Contact Us
  • Disclaimer
  • Guest Post & Sponsored Post
  • Privacy Policy
©2026 Ajab Gajab | Design: Newspaperly WordPress Theme