कई धर्म ग्रंथों में पुनर्जन्म से जुड़ी मान्यताएं और कहानियां हैं, जिनके आधार पर पुनर्जन्म से जुड़े कई रहस्यों को समझा जा सकता है। कैसे कर्म करने पर कौन सा जन्म हो सकता है इसका पूरा वर्णन धर्म ग्रंथों में दिया गया है। आज हम आपको बताएंगे अलग-अलग ग्रंथों और पुराणों में लिखी पुनर्जन्म से जुड़ी खास बातें..
यह भी पढ़े – इन तीन तरीकों से देखि जा सकती है पूर्वजन्म की घटनाएं

कठोपनिषद के अनुसार
योनिमन्ये प्रपद्यंते शरीरत्वाय देहिन: |
स्थाणुमन्येऽनुसयति यथाकर्म यथाश्रुतम् | |
अर्थ- संसार के सभी जीवों को उनके ज्ञान और कर्म के आधार पर ही अलग-अलग योनियों में जन्म मिलता है। इसी आधार पर कुछ को पुनर्जन्म तो कुछ को मोक्ष की प्राप्ति होती है।
महाभारत के वनपर्व के अनुसार
शुभैः प्रयोगैदेरवत्वं व्यमिश्रैमार्नुसो भवेत।
अर्थ- मनुष्य यदि शुभ कर्म करें तो उसे देवताओं की योनि प्राप्त होती है और उसके कर्म पाप-पुण्य का मिला-जुला स्वरुप हो तो उसे अगला जन्म मनुष्य का ही मिलता है।
पांतजलि योगसूत्र के अनुसार
क्लेशमूलः कर्माशयो दृष्टादृष्ट जन्मवेदनीयः।
सति मूले तद्विपाको जात्यायुर्भोगाः।।
अर्थ- यदि किसी व्यक्ति के पूर्व जन्म के कर्म अच्छे है तो उसे उत्तम योनि, आयु और योग की प्राप्ति होगी। जब मनुष्य शरीर त्याग मृत्यु को प्राप्त होता है तो उसका ज्ञान और कर्म उसकी आत्मा के साथ चले जाते है और उन्हीं के आधार पर मनुष्य का पुनर्जन्म होता हैं।
योगवशिष्ठ के अनुसार
ऐहिकं प्राक्तनं वापि तर्म यद् चितं स्फुरत !
पौरुषोसौ परो यत्नो न कदाचन निष्फल: !!
अर्थ- किसी भी मनुष्य के पुनर्जन्म और इस जन्म में किए गए कर्मों का फल जरूर मिलता है। किसी भी जन्म में किए गए कर्म निष्फल नहीं जाते।
श्रीमद्भागवत गीता के अनुसार
यं यं वापि स्मरन्भावं त्यजत्यन्ते कलेवरम् ।
तं तमेवैति कौन्तेय सदा तद्भावभावितः ॥
अर्थ- मनुष्य अपने मृत्यु के समय में उन्हीं बातों को याद करता है, जो हर समय उस के अंदर चलती रहती है। मरते समय वह जिस-जिस भाव का स्मरण करता है, वह पुनः जन्म होने पर उसी भाव को पाता है।
Other similar post-
- पुनर्जन्म से जुडी 10 सच्ची घटनाए
- जाने क्यों याद नहीं रहती पूर्व जन्म से जुड़ी बातें
- अनोखी घटना- कुछ ही दिनों में होने वाली थी लाइलाज बीमारी से मौत, लेकिन मधुमक्खीयों ने काटा तो बच गई जान
- सत्य घटना – सांप ने काटा, डाकटरों ने मृत घोषित किया, घरवालों ने गंगा में बहाया, 14 साल बाद जिन्दा लौट आया युवक
- उर्वशी अप्सरा के पूर्व जन्म की कहानी