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धर्म ग्रंथों से – ये 7 चीज़ें होती है चमत्कारिक, मिल जाए तो बदल सकती है किस्मत

Posted on April 6, 2017 by Pankaj Goyal

हिन्दू धार्मिक ग्रंथों में कई ऐसी चमत्कारिक चीज़ों का वर्णन है, जिन पर सहज ही विश्वास करना कठिन होता है। हम यहां आपको 7 ऐसी ही वस्तुओं के बारे में बता रहे है जिनकी अब तक तो कोई प्रमाणिकता साबित नहीं हुई है, लेकिन अगर साबित हो जाए तो इन्हें पाने वाले की रातोंरात किस्मत बदल सकती हैं।

यह भी पढ़े –  यह है धर्मग्रंथो में वर्णित 9 रहस्यमयी मणियां

पारस मणि (Parasmani)
धर्म ग्रंथों में इसका उल्लेख कई बार आता है। हालांकि आज तक ऐसी कोई मणि किसी को मिली नहीं है। पारस मणि से लोहे की किसी भी चीज को छुआ देने से वह सोने की बन जाती थी। इससे लोहा काटा भी जा सकता है। कहते हैं कि कौवों को इसकी पहचान होती है और यह हिमालय के आस-पास ही पाई जाती है। हालांकि इन बातों में कितनी सच्चाई है यह कहना मुश्किल है।

सोमरस (Somras)
सोमरस का जिक्र हिंदू धर्म ग्रंथों में मिलता है। सोमरस एक ऐसा पदार्थ है, जो संजीवनी की तरह काम करता है यह शराब नहीं, बल्कि दूध और जड़ी बूटियों से बना एक पेय है। जो हमेशा जवान रखने के साथ ही गुस्से को शांत करता है और अमर बनाता है। ऋग्वेद 1-30-2 में इसका स्पष्ट वर्णन मिलता है।

नागमणि (Nagmani)
नागमणि के बारे में कहा जाता है कि यह जिसके भी पास होती है उसका भाग्य बदल जाता है। इसमें अलौकिक शक्तियां होती हैं। इसकी चमक के आगे हीरा भी फीका पड़ जाता है। मणि का होना उसी तरह है जिस तरह की अलादीन के चिराग का होना। मगर इसमें कितनी सच्चाई है, यह कोई नहीं जानता।

अक्षय पात्र (Akshy Patra)
माना जाता है कि यह चमत्कारी अक्षय पात्र प्राचीन ऋषि-मुनियों के पास हुआ करता था। महाभारत मे वनवास के दौरान द्राेपदी इसी पात्र से पांडवों को भोजन करवाती थी। अक्षय का अर्थ जिसका कभी क्षय या नाश न हो। दरअसल, एक ऐसा पात्र जिसमें से कभी भी अन्न और जल खत्म नहीं होता।

कल्पवृक्ष (Kalpavriksha)
वेद और पुराणों में कल्पवृक्ष के बारे में पढ़ने को मिलता है। कल्पवृक्ष स्वर्ग का एक पेड़ है। इस वृक्ष के नीचे बैठकर व्यक्ति जो भी इच्छा करता है, वह पूर्ण हो जाती है, क्योंकि इस वृक्ष में अपार सकारात्मक ऊर्जा का भंडार होता है। यह वृक्ष समुद्र मंथन से निकला था।

संजीवनी बूटी (Sanjivani Buti)
कहते हैं ‍कि हिमालय में एक ऐसी बूटी पाई जाती है जिसके बल पर मरे व्यक्ति को भी जिंदा किया जा सकता है। वाल्मीकि रामायण के अनुसार मूर्च्छित लक्ष्मण के लिए हनुमानजी यह बूटी लेकर आए थे। इस बूटी के दम पर ही शुक्राचार्य ने देवासुर संग्राम में असुरों को जीवित कर दिया था। आज कल इस पर कई शोध हो रहे हैं पर अब तक कोई परिणाम नहीं निकला है।

स्वर्ण बूूटी (Swarn Buti)
सोने के निर्माण में तेलिया कंद-जड़ी बूटी का बहुत बड़ा योगदान माना जाता है। ऐसी भी औषधियां होती हैं, जो व्यक्ति को फिर से जवान बना देती हैं। औषधियों के बल पर व्यक्ति 500 वर्षों तक निरोगी रहकर जिंदा रह सकता है। इनसे धन पाने के साथ ही सभी दुख व दर्द दूर किए जा सकते हैं।

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