Ajab Gajab

Status, Shayari, Message, Vrat Katha, Pauranik Katha, Jyotish, News, Hindi Story, Religion, Health, Poem, Jokes, Kavita, Geet, Gazal, Wishes, SMS, Interesting Facts

Menu
  • Pauranik Katha
  • Jyotish
  • Quotes
  • Shayari
  • Amazing India
  • Self Improvment
  • Health
  • Temple
  • Bizarre
Menu

धनतेरस और नरक चतुर्दशी

Posted on October 28, 2016April 5, 2018 by Pankaj Goyal

धनतेरस (Dhanteras)

कार्तिक कृष्ण पक्ष त्रयोदसी को भगवान धनवन्तरि का अवतार हुआ था। शृष्टि के जीवों को रोग मुक्त करने के लिए भगवान धनवन्तरि आगे बढे। यक्ष राज सुमेर ने कुबेर पर आक्रमण करके कुबेर की सारी सम्पत्ति पर कब्जा कर लिया था । कुबेर को जंजीरों में जकड कर एक खाईं में डाल दिया था दर्द से कुबेर कराह रहे थे। कुबेर की आवाज सुनकर भगवान धनवन्तरि उनके पास पहुचे, कुबेर को बंधन मुक्त किया।

यह भी पढ़े- धनतेरस की कहानी : क्यों करते है यमराज को दीपदान

Dhanteras and Narak Chaturdashi

भगवान धनवन्तरि ने महालक्ष्मी का आहवाहन किया। माता महालक्ष्मी ने कुबेर को पुन:स्वर्ण, कनक तथा रत्नों के भण्डार दिये । यक्ष सुमेर को पराजित कर केराज्य वापस दिलाया । तथा कुबेर को वरदान दिये। देवों ने अम्बर से पुष्प बरसाये।

रिषियों मुनियों ने मिलकर भगवान धनवन्तरि, महालक्ष्मी तथा कुबेर की पूजा की तब से धरती पर त्रयोदसी तिथि धन तेरस के नाम से जानी गयी । तीनों देवताओं ने रिषियों को वरदान दिया । आज के दिन जो ऩये पात्र,स्वर्ण आभूषण आदि खरीद कर पूजन करेगा उसको कभी धन सम्पदा की कमी नही रहेगी ।

नरक चतुर्दशी (Narak Chaturdashi)

नरक चतुर्दशी कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष कीचतुर्दशी को कहा जाता है। नरक चतुर्दशी को ‘छोटी दीपावली’ भी कहते हैं। इसके अतिरिक्त इस चतुर्दशी को ‘नरक चौदस’, ‘रूप चौदस’, ‘रूप चतुर्दशी’, ‘नर्क चतुर्दशी’ या ‘नरका पूजा’ के नाम से भी जाना जाता है।

Dhanteras and Narak Chaturdashi

हिन्दू मान्यताओं के अनुसार यह माना जाता है कि कार्तिक कृष्णपक्ष चतुर्दशी के दिन मृत्यु के देवता यमराज की पूजा का विधान है।दीपावली से एक दिन पहले मनाई जाने वाली नरक चतुर्दशी के दिन संध्या के पश्चात दीपक प्रज्जवलित किए जाते हैं। इस चतुर्दशी का पूजन कर अकाल मृत्यु से मुक्ति तथा स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए यमराज जी की पूजा व उपासना की जाती है।

अन्य प्रसंगानुसार भगवान श्रीकृष्ण ने कार्तिक माह में कृष्ण चतुर्दशी के दिन नरकासुर का वध करके देवताओं व ऋषियोंको उसके आतंक से मुक्ति दिलवाई थी। इसके साथ ही कृष्ण भगवान ने सोलह हज़ार कन्याओं को नरकासुर के बंदीगृह से मुक्त करवाया। इसी उपलक्ष्य में नगरवासियों ने नगर को दीपों से प्रकाशित किया और उत्सव मनाया। तभी से नरक चतुर्दशी का त्यौहार मनाया जाने लगा।

आचार्य, डा.अजय दीक्षित

डा. अजय दीक्षित जी द्वारा लिखे सभी लेख आप नीचे TAG में Dr. Ajay Dixit पर क्लिक करके पढ़ सकते है।

Other Similar Post :-

  • धनतेरस पर करने योग्य कुछ ज्योतिष उपाय (राशि अनुसार)
  • धनतेरस के दिन लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए किए जाने वाले उपाय
  • दीपावली पर देवी लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए 51 उपाय
  • गोवर्धन पूजा (Govardhan Puja)- पूजन विधि, कथा और महत्व
  • जानिये भारत में स्तिथ यमराज (धर्मराज) के चार प्राचीन मंदिरों के बारे में

Related posts:

Hindu Calendar Jyeshta Month 2023 | हिंदी पंचांग ज्येष्ठ मास
Hanuman Jayanti Ki Shubhkamnae
Hindu Calendar Vaishakh Month 2023 | हिंदी पंचांग वैशाख मास 2023
Hindu Calendar Chaitra Month 2023 | हिंदी पंचांग चैत्र मास
Hindu Calendar Margashirsha Month 2021 | हिंदी पंचांग मार्गशीर्ष मास
नरक चतुर्दशी पर यहां जलाएं 14 दीपक आएगी जीवन में खुशहाली
दीपावली 2021 - शुभ मुहूर्त
Hindu Calendar Kartik Month 2021 | हिंदी पंचांग कार्तिक मास
हिंदी पंचांग भादप्रद मास | Hindu Calendar Bhadprad Month 2021
वैदिक रीति से रक्षाबंधन कैसे मनाएं

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Daily Horoscope

04/20/26

Pages

  • AdTest
  • Contact Us
  • Disclaimer
  • Guest Post & Sponsored Post
  • Privacy Policy
©2026 Ajab Gajab | Design: Newspaperly WordPress Theme