ग़ज़ल – इक लगन तिरे शहर में जाने की लगी हुई थी (Ik Lagan Tire Shahar Me Jane Ki Lagi Hui Thi) अमित राज श्रीवास्तव की ग़ज़लों से 10 बेहतरीन शायरी ग़ज़ल …
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ग़ज़ल – तो देखते (To Dekhte) – अमित राज श्रीवास्तव ‘अर्श’
ग़ज़ल – तो देखते (To Dekhte) तो देखते (To Dekhte) उनकी अदाएँ उनके मोहल्ले में चलते तो देखते,वो भी कभी यूँ मेरे क़स्बे से गुज़रते तो देखते। बस दीद की उनकी ख़ाहिश…