Color changing shivlinga of Achaleshwar mahadev, Dholpur – वैसे तो पुरे भारत मे अचलेश्वर महादेव के नाम से कई मन्दिर है पर आज हम बात कर रहे है राजस्थान के धौलपुर जिले…
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लक्ष्मणेश्वर महादेव – खरौद – यहाँ पर है लाख छिद्रों वाला शिवलिंग (लक्षलिंग)
Lakshling Laxmaneswar Mahadev Temple History In Hindi : हमने अपनी पिछली पोस्ट में आपको शिवरीनारायण स्तिथ शबरी आश्रम के बारे में बताया था जहाँ की भगवान राम की शबरी से भेट हुई…
शिवरीनारायण – छत्तीसगढ़ – यहाँ पर है माता शबरी का आश्रम, जहा पर हुई थी भगवान राम से मुलाक़ात
Shivrinarayan Temple Chhattisgarh History In Hindi : रामायण में एक प्रसंग आता है जब देवी सीता को ढूंढते हुए भगवान राम और लक्ष्मण दंडकारण्य में भटकते हुए माता शबरी के आश्रम में…
किराडू – राजस्थान का खजुराहो – 900 सालो से है वीरान
Kiradu Temple Story & History in Hindi : किराडू राजस्थान के बाड़मेर जिले में स्थित है। किराडू अपने मंदिरों कि शिल्प कला के लिया विख्यात है। इन मंदिरों का निर्माण 11 वि शताब्दी…
राम-जानकी मंदिर – सेतगंगा (छत्तीसगढ़) – यहाँ भगवान राम के द्वारपाल है रावण, करते है भगवन राम कि सुरक्षा
Ram Janaki Temple, Ram Tekri, History In Hindi : आप लोगों को यह जानकर हैरानी होगी कि भारतवर्ष में एक ऐसा भी मंदिर है, जहां रावण भगवान राम के द्वारपाल के रूप…
कहानी भानगढ़ फोर्ट की | Hindi Story of Bhangarh Fort
Bhangarh Fort Story in Hindi : वैसे तो हमारे देश में बहुत से हॉन्टेड प्लेस है लेकिन इस लिस्ट में जिसका नाम सबसे ऊपर आता है वो है भानगढ़ का किला (Bhangadh…
भोजेश्वर मंदिर : यहाँ है एक ही पत्थर से निर्मित विशव का सबसे बड़ा शिवलिंग
Bhojeshwar Temple History & Story in Hindi : भोजपुर (Bhojpur), मध्य प्रदेश कि राजधानी भोपाल से 32 किलो मीटर दूर स्तिथ है। भोजपुर से लगती हुई पहाड़ी पर एक विशाल, अधूरा शिव…
तरकुलहा देवी – गोरखपुर – यहाँ क्रांतिकारी बाबू बंधू सिंह ने चढ़ाई थी कई अंग्रेज सैनिकों कि बलि
Tarkulha Devi Temple Story & History in Hindi : तरकुलहा देवी मंदिर (Tarkulha Devi Temple) गोरखपुर से 20 किलो मीटर कि दूरी पर तथा चौरी-चौरा से 5 किलो मीटर कि दुरी पर स्तिथ…
Om Banna Temple – जहाँ कि जाती हैं बुलेट बाइक कि पूजा, माँगी जाती हैं सकुशल यात्रा कि मन्नत
Om Banna Temple (Bullet Baba Temple) Story & History in Hindi : आप सब ने अपने जिंदगी में बहुत से मंदिरो में कई भगवानों कि पूजा कि होगी लेकिन शायद आप में से…
कामाख्या मंदिर – सबसे पुराना शक्तिपीठ – यहाँ होती हैं योनि कि पूजा, लगता है तांत्रिकों व अघोरियों का मेला
Kamakhya Temple Story & History in Hindi : कामाख्या मंदिर असम के गुवाहाटी रेलवे स्टेशन से 10 किलोमीटर दूर नीलांचल पहाड़ी पर स्थित है। यह मंदिर देवी कामाख्या को समर्पित है। कामाख्या शक्तिपीठ 52 शक्तिपीठों…