Facts About Kamdev – कामदेव सौंदर्य और कल्याण के देवता माने जाते हैं। कामदेव की पत्नी का नाम रति है। प्रेम और सौंदर्य की प्राप्ति के लिए इनकी आराधना खासतौर से की…
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पंचमुखी हनुमान की कहानी – जानिए पंचमुखी क्यो हुए हनुमान?
Panchmukhi Hanuman Story – लंका में महा बलशाली मेघनाद के साथ बड़ा ही भीषण युद्ध चला. अंतत: मेघनाद मारा गया। रावण जो अब तक मद में चूर था राम सेना, खास तौर पर…
आखिर कैकई ने राम को क्यों दिया वनवास – जानिए कैकई के त्याग की कहानी
एक बार युद्ध में राजा दशरथ का मुकाबला बाली से हो गया। राजा दशरथ की तीनों रानियों में से कैकयी अस्त्र-शस्त्र और रथ चालन में पारंगत थीं। इसलिए कई बार युद्ध में…
कहानी महिषासुर की – जानिए कौन था महिषासुर, क्यों पड़ा उसका ये नाम
Mahishasur Story in Hindi | महिषासुर (Mahishasur) दानवराज रम्भासुर का पुत्र था, जो बहुत शक्तिशाली था। कथा के अनुसार महिषासुर का जन्म पुरुष और महिषी (भैंस) के संयोग से हुआ था। इसलिए…
भगवान शिव का अघोर रुप तथा भगवान शिव से जुड़े रहस्यमयी प्रश्नों के उत्तर
भगवान शिव का अघोर रूप एक बार पार्वती ने स्वपन देखा मैं अपने पती का श्रंगार अस्थियों से कर रही हूँ। स्वप्न टूटा और प्रात: हुई। माता ने स्कंद से कहा —…
ऋषि दुर्वासा और कल्पवृक्ष की कथा
Rishi Durvasa and Kalpavriksha Tree Story : एक समय जब श्री रामचंद्र जी का दर्शन करने के लिए अपने साठ हजार शिष्यों सहित दुर्वासा ऋषि अयोध्या को जा रहे थे, तब मार्ग…
शीतला माता की कहानी
Sheetla Mata Story in Hindi, Sheetla Mata Ki Kahani – यह कथा बहुत पुरानी है। एक बार शीतला माता ने सोचा कि चलो आज देखु कि धरती पर मेरी पूजा कौन करता है,…
श्री मुचुकुन्द जी की कथा
Raja Muchukunda Story : महाराज मुचुकुन्द राजा मान्धाता के पुत्र थे। ये पृथ्वी के एक छत्र सम्राट थे। बल और पराक्रम इतना कि देवराज इन्द्र भी इनकी सहायता के इच्छुक रहते थे।…
वनवास काल में महाराज युधिष्ठिर को श्री कृष्ण ने दी राम नाम की दीक्षा
अब एक भूत-समन्वित भविष्य की कथा सुनिए। जब युधिष्ठुर अपनी माता और भाइयों को साथ लिए वनवास कर रहे थे, तब उन्हें देखने के लिए श्री कृष्ण जी वन में गये। वहाँ…
जब तुलसीदास को भगवान जगन्नाथ ने दिये राम रुप में दर्शन
तुलसीदास जी अपने इष्टदेव का दर्शन करने श्रीजगन्नाथपुरी गये। मंदिर में भक्तों की भीड़ देख कर प्रसन्न मन से अंदर प्रविष्ट हुए। जगन्नाथ जी का दर्शन करते ही निराश हो गये। विचार…