Ajab Gajab

Status, Shayari, Message, Vrat Katha, Pauranik Katha, Jyotish, News, Hindi Story, Religion, Health, Poem, Jokes, Kavita, Geet, Gazal, Wishes, SMS, Interesting Facts

Menu
  • Pauranik Katha
  • Jyotish
  • Quotes
  • Shayari
  • Amazing India
  • Self Improvment
  • Health
  • Temple
  • Bizarre
Menu
Nachta Basant Poem In Hindi

‘नाचता बसंत’ – मनीष नंदवाना ‘चित्रकार’

Posted on March 31, 2021March 31, 2021 by Viveka Goyal

Nachta Basant Poem In Hindi – मनीष नंदवाना ‘चित्रकार’ राजसमंद द्वारा रचित रचना ‘नाचता बसंत’

Nachta Basant Poem In Hindi
Nachta Basant Poem In Hindi

‘नाचता बसंत’ (Nachta Basant)

कोपल में, कलियों में, कोयल की कुहू – कुहू में,
गांव की गलियों में घूमता बसंत हैं|
पुष्पों में, पुंजों में, पराग में, पाहन में,
झरने की झर – झर में झरता बसंत हैं|
तुझ में, मुझ में, लता और कुंज में,
प्रकृति के अंग – अंग में नाचता बसंत हैं|

भुजा में भुजबंध को, कलाई में कंगन को,
पांव की पायल को, पूजता बसंत हैं|
कमर कन्दौरे में, गोरे – गोरे गालों में,
बालों के झालों में, झूमता बसंत हैं|
तुझ में, मुझ में, लता और कुंज में,
प्रकृति के अंग – अंग में नाचता बसंत हैं|

श्रृंगार में, ना संयोग में, प्रेमी के वियोग में,
प्रेमिका को पीड़ा पहुंचाता बसंत हैं|
कोयल की बोली भी, कर्णकटू लगती हैं|
आंखों से आंसू बहाता बसंत हैं|
तुझ में, मुझ में, लता और कुंज में,
प्रकृति के अंग – अंग में नाचता बसंत हैं|

हवा की हरकत में, दिन में, दिवाकर में,
नैनों से नैनों में नाचता बसंत हैं|
गोरा और गोरी में, इशारों – इशारों में,
नजर से नजर में नाचता बसंत हैं|
तुझ में, मुझ में, लता और कुंज में,
प्रकृति के अंग – अंग में नाचता बसंत हैं|

गोकुल में, ग्वाल में, गोपी में, गोपाल में,
सुबह में, सांझ में, शरमाता बसंत हैं|
ताल तट तन्हाई में, राधा के मन को,
वियोग में, रैन में, रुलाता बसंत हैं|
तुझ में, मुझ में, लता और कुंज में,
प्रकृति के अंग – अंग में, नाचता बसंत हैं|

मनीष नंदवाना ‘चित्रकार’
राजसमन्द

मनीष नंदवाना ‘चित्रकार’ राजसमंद द्वारा रचित रचनाओं का संग्रह

यह भी पढ़े –

  • निदा फ़ाज़ली की शायरी और ग़ज़लों का संग्रह
  • मुनव्वर राना की 150 ग़ज़लों का संग्रह

Related posts:

दर्द की सच्चाई - आचार्य डॉ अजय दीक्षित "अजय"
कवि की करुण पुकार - आचार्य डॉ अजय दीक्षित "अजय"
राम सृष्टा भी हैं और सृष्टि भी - कुमार विश्वास
शरीर का सार - आचार्य डा.अजय दीक्षित "अजय"
भोंर का उजाला - डॉ लोकमणि गुप्ता
कविता - बेटी जब घर आती हैं
'कोरोना का आना........गजब हो गया'- मनीष नंदवाना 'चित्रकार'
माँ की रसोई -अंजलि देवांगन (मातृ दिवस पर कविता)
विश्व रेडक्रॉस दिवस पर हिंदी कविता | World Redcross Day Poem In Hindi
पुस्तक दिवस पर काव्य रचना - कमलेश जोशी 'कमल'

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Daily Horoscope

04/16/26

Pages

  • AdTest
  • Contact Us
  • Disclaimer
  • Guest Post & Sponsored Post
  • Privacy Policy
©2026 Ajab Gajab | Design: Newspaperly WordPress Theme